नई दिल्ली।
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम सामने आया है, जहां आईबीएम और योट्टा डेटा सर्विसेज ने मिलकर एक नए एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म को विकसित करने की योजना बनाई है। यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह भारत स्थित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होगा और इसका उद्देश्य देश की कंपनियों और सरकारी संस्थानों को सुरक्षित, नियंत्रित और आधुनिक एआई समाधान उपलब्ध कराना है।
इस पहल के तहत आईबीएम की उन्नत एआई तकनीक को योट्टा के स्वदेशी क्लाउड सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इससे एक ऐसा डिजिटल ढांचा तैयार होगा जो डेटा सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और स्थानीय डेटा स्टोरेज की जरूरतों को पूरा करेगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए संगठन अपने विभिन्न विभागों जैसे आईटी सेवाएं, मानव संसाधन, वित्त, खरीद और ग्राहक सेवा में एआई आधारित एजेंट्स का उपयोग कर सकेंगे।
कंपनियों में अब एआई को केवल प्रयोग के स्तर से आगे बढ़ाकर वास्तविक संचालन में शामिल करने की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जिससे कारोबारी प्रक्रियाएं अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकें। इसके साथ ही यह प्रणाली कंपनियों को यह सुविधा भी देगी कि वे एआई का उपयोग अपने नियंत्रण और अनुपालन मानकों के अनुसार कर सकें।
इस परियोजना के तहत आईबीएम का सॉवरेन कोर सिस्टम भी योट्टा के क्लाउड प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया जाएगा, जिससे एक मजबूत और स्वदेशी डिजिटल वातावरण तैयार होगा। यह व्यवस्था कंपनियों को डेटा सुरक्षा, ऑडिट ट्रैकिंग और नियंत्रित एआई संचालन जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी, जिससे नियामकीय आवश्यकताओं का पालन आसान हो जाएगा।
इस साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय कंपनियों को आत्मनिर्भर एआई इकोसिस्टम प्रदान करना है, जहां वे बिना किसी बाहरी निर्भरता के अपने डेटा और तकनीकी प्रक्रियाओं को नियंत्रित कर सकें। योट्टा का क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और आईबीएम की एआई क्षमताएं मिलकर एक ऐसा समाधान तैयार करेंगी, जो बड़े पैमाने पर एआई अपनाने को सरल और सुरक्षित बनाएगा।
कुल मिलाकर यह पहल भारत में एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर संकेत करती है, जो आने वाले समय में डिजिटल इनोवेशन को नई दिशा दे सकती है।
