कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 114 अंक गिरकर 77,844.52 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी मामूली कमजोरी के साथ 24,326.65 पर बंद हुआ। दिन की शुरुआत दोनों प्रमुख सूचकांकों ने बढ़त के साथ की थी, लेकिन बाद में बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली।
दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 78,384.70 का उच्च स्तर और 77,713.21 का निचला स्तर छुआ। वहीं निफ्टी 24,482.10 तक पहुंचा, जबकि दिन का निचला स्तर 24,284 रहा।
हालांकि बड़े सूचकांकों में दबाव देखने को मिला, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेक्टर आधारित कारोबार में ऑटो, रियल्टी, मेटल, मीडिया और हेल्थकेयर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर आईटी, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर दबाव में रहे।
बाजार में बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंडाल्को, ओएनजीसी, कोटक बैंक और एनटीपीसी जैसे शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। वहीं एचयूएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईटीसी और सन फार्मा जैसे शेयर कमजोर रहे।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की संपत्ति में इजाफा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब 475 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जिससे निवेशकों को लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ।
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,400-24,500 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे के ऊपर टिकता है, तो बाजार में फिर तेजी लौट सकती है। वहीं 24,100-24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीतिक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करेंगी। खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार करता दिखा। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ और हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
