वैज्ञानिक तकनीकों से खरीफ खेती बढ़ाने पर दिया जोर
झांसी। सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (एसएमएसई) एवं आत्मा योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से आए किसानों के दल ने रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। कार्यक्रम का आयोजन किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, राजगढ़ के तत्वावधान में किया गया।
भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सुशील कुमार सिंह ने किसानों का स्वागत करते हुए खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बदलते जलवायु परिदृश्य में उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और समेकित कीट नियंत्रण अपनाना आवश्यक है, जिससे लागत कम और उत्पादन अधिक हो सकता है।
उन्होंने किसानों को ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई, फसल चक्र, जैविक खेती और एकीकृत पोषण प्रबंधन जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। साथ ही एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) के माध्यम से पशुपालन, बागवानी और मधुमक्खी पालन को जोड़कर आय बढ़ाने पर जोर दिया। किसानों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रक्षेत्रों—बागवानी इकाई, पॉलीहाउस, उन्नत फसल प्रदर्शन एवं एकीकृत कृषि मॉडल का अवलोकन किया। इस दौरान विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान भी प्राप्त किया।
किसानों ने भ्रमण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यहां मिली जानकारी से वे अपनी खेती में सुधार कर आय बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
