पति की लंबी उम्र के लिए किया उपवास, 37 महिला और 842 पुरुष बंदियों समेत जेल में निरुद्ध हैं 879 बंदी
झांसी। जिला कारागार झांसी में 26 अक्टूबर 2026 को महिला बंदियों ने करवा चौथ का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धाभाव के साथ मनाया। कारागार में निरुद्ध 37 महिला बंदियों में से 12 महिलाओं ने व्रत रखा। इनमें 11 विचाराधीन और एक सिद्धदोष महिला बंदी शामिल रही। खास बात यह रही कि व्रत रखने वाली 12 महिलाओं के पति भी कारागार में निरुद्ध हैं। जेल प्रशासन की ओर से व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए पूजन सामग्री, फल, मिठाई और सुहाग-शृंगार के सामान की व्यवस्था की गई।
इन महिलाओं ने रखा व्रत
विचाराधीन महिला बंदियों में रोहिणी सुतकार पत्नी रोहित पुरोहित, सोनिया साहू पत्नी यशवंत, पूजा शर्मा पत्नी वीरेंद्र, राजवती पत्नी संतोष पाल, ममता पत्नी दिनेश वंशकार, संजना रैकवार पत्नी राजकुमार, देवती कुशवाहा पत्नी गोपाल, हरदेई पत्नी बृजेंद्र, भारती यादव पत्नी प्रेमनारायण, गीता देवी पत्नी भरत सिंह और गीता पत्नी रामसिंह शामिल हैं। इनके मामले क्रमशः नवाबाद, जीआरपी, नवाबाद व गुरसराय, सीपरी बाजार, नवाबाद, बरुआसागर, चिरगांव, बबीना, मऊरानीपुर, नवाबाद और सीपरी बाजार थानों से संबंधित हैं।
एक सजायाफ्ता महिला भी शामिल
सिद्धदोष महिला बंदी रजनी पत्नी अरविंद भी करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं में शामिल रही। वह कोतवाली झांसी में दर्ज परिवाद संख्या 1367/2017 में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत छह माह के कारावास की सजा से दंडित होकर 22 सितंबर 2026 से जेल में निरुद्ध है।
वरिष्ठ कारागार अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि महिलाओं को पूजन सामग्री, फल, मिठाई और सुहाग-शृंगार का सामान उपलब्ध कराया गया है। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया।
