शहर के सिद्धेश्वर मंदिर मैदान, गांधी पार्क और काली माता मंदिर परिसर में अलग-अलग समय पर रावण दहन किया जाएगा। इन आयोजनों में राम-रावण युद्ध का मंचन, धार्मिक चल समारोह और शस्त्र पूजन जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं। आयोजक विजयादशमी के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हैं।
सिद्धेश्वर मंदिर मैदान में पंजाबी परिषद की ओर से शाम 7:30 बजे रावण दहन किया जाएगा। परिषद पिछले 73 वर्षों से इस आयोजन की परंपरा निभाती आ रही है। इस बार यहां 45 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है, जबकि पिछले वर्ष पुतले की ऊंचाई 51 फीट थी। पुतला तैयार करने की जिम्मेदारी इस बार भी आजाद खान ने संभाली है। रावण दहन से पहले मैदान में राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया जाएगा। इसके बाद पुतले का दहन होगा।
इस आयोजन से पहले आनंदपुर कुटिया जल मंदिर से भगवान राम की बारात और चल समारोह निकाला जाएगा। यह यात्रा हंस बिल्डिंग, ओरिएंटल बैंक, धर्मशाला रोड, मिर्ची बाजार और गोयल मेडिकल के सामने से होते हुए माधव चौक पहुंचेगी। इसके बाद चल समारोह सिद्धेश्वर मंदिर मैदान की ओर बढ़ेगा। धार्मिक उद्घोषों के बीच श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेंगे।
गांधी पार्क में मानव वेलफेयर सोसायटी की ओर से रात 8 बजे रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां 70 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। इस बार आयोजन की विशेषता यह है कि रावण के साथ मेघनाद का पुतला भी जलाया जाएगा। शिवपुरी के इस आयोजन में पहली बार दोनों पुतलों का दहन होगा। कार्यक्रम में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार दोनों पुतलों का दहन करेंगे।
इसी समय झांसी रोड स्थित काली माता मंदिर परिसर में नरसिंह मंदिर दशहरा समिति की ओर से रावण दहन किया जाएगा। समिति ने यहां 40 फीट ऊंचा पुतला तैयार कराया है। पिछले साल भी पुतले की ऊंचाई 40 फीट ही थी। इस परिसर में रावण दहन के साथ पथ संचलन और पुलिस शस्त्र पूजन का कार्यक्रम भी रखा गया है। समिति ने नागरिकों, समाजसेवियों और धर्मप्रेमियों से आयोजन में शामिल होने की अपील की है।
शहर के इन तीन प्रमुख स्थानों के अलावा शिवपुरी जिले के अन्य कस्बों और क्षेत्रों में भी विजयादशमी मनाई जाएगी। विभिन्न स्थानों पर रावण दहन और धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा। इस बार सिद्धेश्वर मैदान की पुरानी परंपरा और गांधी पार्क में पहली बार मेघनाद दहन शिवपुरी के दशहरा आयोजनों के प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
