खटीक समाज द्वारा प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्रि में खटीक मोहल्ले में मां काली की प्रतिमा स्थापित की जाती है। नवरात्रि के समापन पर दशहरे के दिन प्रतिमा को पालकी में विराजमान कर विसर्जन के लिए ले जाने की परंपरा है। इस शोभायात्रा की खास पहचान पालकी में मां काली की प्रतिमा का नगर भ्रमण और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी है। प्रतिमा की पालकी लगभग 2 किलोमीटर की दूरी करीब 30 से 35 मिनट में तय करती है। यात्रा को देखने और मां के दर्शन करने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं।
इस बार तिथियों के क्रम में बदलाव के कारण महाअष्टमी, महानवमी और दशहरे के आयोजन को लेकर अलग-अलग मान्यताएं देखने को मिलीं। शारदीय नवरात्रि में अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट के बाद शुरू हुई और 19 अक्टूबर को सुबह लगभग 10 बजकर 52 मिनट तक रही। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो गई। इसी कारण 19 अक्टूबर को महाअष्टमी और महानवमी दोनों पर्व मनाए गए, जबकि 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जा रहा है। कुछ श्रद्धालुओं ने नवरात्रि के नौ दिनों के अनुसार पूजा-अर्चना और विसर्जन का कार्यक्रम पहले ही पूरा कर लिया था। इसके चलते सोमवार को भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
मंगलवार को शिवपुरी में मां काली के साथ अन्य देवी प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं भी निकाली जाएंगी। शहर में आधा सैकड़ा से अधिक शोभायात्राएं निकलने की संभावना है। माधव चौक पर स्थापित वैष्णो देवी की झांकी का चल समारोह भी दशहरे के दिन निकाला जाएगा। यह शोभायात्रा शाम को शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरेगी। इसके अलावा क्षत्रिय समाज का चल समारोह भी आयोजित होगा। प्रतिमाओं की शोभायात्राओं के चलते शहर में देर रात तक धार्मिक गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की भीड़ और शोभायात्राओं को व्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन तथा पुलिस ने यातायात प्रबंध किए हैं। मां काली की यात्रा के दौरान दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक संबंधित मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। शाम 6 बजे से माधव चौक के चारों ओर के रास्ते कार्यक्रम समाप्त होने तक बंद रहेंगे। फिजिकल रोड से माधव चौक की ओर और गुरुद्वारा की तरफ से कोर्ट रोड पर अनावश्यक वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा। लक्ष्मी निवास से सब्जी मंडी और हंस बिल्डिंग की ओर जाने वाला मार्ग शाम 7 बजे से अंतिम झांकी निकलने तक बंद रहेगा।
यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। माधव चौक पर वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी। सुरवाया तिराहे पर मंगलवार रात 7 बजे से बुधवार सुबह 10 बजे तक हाईवे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य अमोला में विसर्जन के दौरान संभावित हादसों को रोकना है। भीड़ कम होने के बाद मार्गों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करने की अपेक्षा की गई है।
