राज्य के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने विसर्जन के दौरान हुई इन घटनाओं की जानकारी दी है। उनके मुताबिक, पूरे राज्य में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान अलग-अलग हादसे हुए। इनमें कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। संबंधित घटनाओं के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रत्येक हादसा किस वजह से हुआ।
गणेश उत्सव के दौरान इस वर्ष तेलंगाना में बड़ी संख्या में प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। शहरों और कस्बों के अलावा घरों, अपार्टमेंट परिसरों और गेटेड सोसाइटी में भी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। उत्सव समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिमाओं को लेकर अलग-अलग विसर्जन स्थलों तक पहुंचे। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।
पुलिस और प्रशासन की ओर से विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था संभालने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हादसे हुए। इन घटनाओं में पुलिस विभाग से जुड़े एक सब-इंस्पेक्टर की भी मौत हुई है।
पुलिस महानिदेशक के अनुसार, तेलंगाना में करीब 1.24 लाख गणेश प्रतिमाएं आधिकारिक रूप से स्थापित की गई थीं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में प्रतिमाएं लोगों ने अपने घरों, अपार्टमेंट और गेटेड सोसाइटी में स्थापित की थीं। इन सभी को मिलाकर राज्य में गणेश प्रतिमाओं की कुल संख्या करीब 3.5 लाख से 4 लाख तक होने का अनुमान लगाया गया है।
इतनी बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोगों की भारी भीड़ जुटी। कई स्थानों पर श्रद्धालु जुलूस के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
हादसों में घायल हुए 26 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, मृतकों की घटनाओं और हादसों के कारणों को लेकर पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रहे हैं। विसर्जन कार्यक्रम के दौरान हुई इन घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। राज्य में बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बीच हुए इन हादसों ने 13 लोगों की जान ले ली, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। आने वाले समय में जांच और विस्तृत जानकारी के बाद घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।
