Safe Mode का इस्तेमाल आमतौर पर यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि फोन में आने वाली परेशानी किसी डाउनलोड किए गए App की वजह से तो नहीं है। जब फोन Safe Mode में शुरू होता है तो स्क्रीन पर इसका संकेत दिखाई देता है। साथ ही फोन में पहले से इंस्टॉल किए गए कई Apps होम स्क्रीन से गायब नजर आ सकते हैं या उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इससे कई यूजर्स को लगता है कि उनके Apps डिलीट हो गए हैं जबकि ऐसा नहीं होता है।
Safe Mode कई बार फोन Restart करते समय गलती से किसी बटन के दब जाने के कारण भी एक्टिव हो सकता है। खासतौर पर Volume Down बटन लगातार दबा रहने पर कुछ Android फोन Safe Mode में बूट हो सकते हैं। इसके अलावा फोन के किसी बटन में खराबी किसी सिस्टम गड़बड़ी या हाल ही में इंस्टॉल किए गए किसी खराब App की वजह से भी यह समस्या बार बार सामने आ सकती है।
Safe Mode बंद करने का सबसे आसान तरीका फोन को सामान्य तरीके से Restart करना है। इसके लिए Power Button को दबाकर रखें और स्क्रीन पर दिखाई देने वाले Restart विकल्प को चुनें। इसके बाद फोन पूरी तरह बंद होकर दोबारा शुरू होगा। फोन चालू होने के बाद स्क्रीन पर जांच करें कि Safe Mode का निशान हट गया है या नहीं। ज्यादातर मामलों में सामान्य Restart के बाद फोन वापस नॉर्मल मोड में आ जाता है और सभी Apps पहले की तरह दिखाई देने लगते हैं।
अगर Restart करने के बाद भी फोन लगातार Safe Mode में शुरू हो रहा है तो Volume Buttons को जरूर चेक करें। खासतौर पर Volume Down बटन कहीं दबा हुआ या अटका हुआ तो नहीं है यह देखें। कई बार फोन का कवर सही तरीके से फिट नहीं होने पर भी वह किसी बटन को लगातार दबा सकता है। ऐसे में फोन का कवर हटाकर दोबारा Restart करके देख सकते हैं।
अगर समस्या फिर भी बनी रहती है तो हाल ही में इंस्टॉल किए गए Apps पर ध्यान दें। हो सकता है कि किसी नए App के इंस्टॉल होने के बाद फोन में परेशानी शुरू हुई हो। Safe Mode में जाकर ऐसे App की पहचान करने की कोशिश की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध App को हटाकर फोन को फिर से Restart किया जा सकता है।
इस तरह Android फोन का Safe Mode अपने आप में कोई खराबी नहीं बल्कि समस्या पहचानने में मदद करने वाला उपयोगी फीचर है। सामान्य Restart से यह अक्सर बंद हो जाता है। अगर फोन बार बार Safe Mode में जा रहा है और बटन या Apps की जांच के बाद भी समस्या बनी रहती है तो डिवाइस की तकनीकी जांच कराना बेहतर रहेगा।
