प्रीति जिंटा का दावा रहा है कि उन्होंने शानदार अमरोही को आर्थिक मुश्किलों के दौर में 2 करोड़ रुपये उधार दिए थे। उनके अनुसार यह रकम किसी उपहार, चैरिटी या मदद के तौर पर नहीं बल्कि वापस किए जाने वाले कर्ज के रूप में दी गई थी। उनका कहना रहा कि शानदार ने आर्थिक स्थिति सुधरने के बाद रकम लौटाने की बात कही थी।
शानदार अमरोही का निधन अगस्त 2011 में हुआ था। प्रीति के मुताबिक उनकी मृत्यु के बाद उन्होंने परिवार से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन उन्हें अपेक्षित जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने ब्याज समेत रकम की वापसी की मांग की। उन्होंने 2 करोड़ रुपये की मूल राशि के साथ करीब 80 लाख रुपये ब्याज का दावा भी किया था।
प्रीति ने वर्ष 2013 में इस मामले को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। उनका कहना था कि रकम लंबे समय से बकाया थी और उसे वापस पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ा। इस मामले में उनके दावे और अमरोही परिवार की ओर से रखी गई दलीलों के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है।
अब कमाल अमरोही के दूसरे बेटे ताजदार अमरोही ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि प्रीति ने वास्तव में शानदार को 2 करोड़ रुपये दिए थे तो उस लेनदेन का प्रमाण, रसीद या अन्य दस्तावेज सामने होना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शानदार के जीवित रहते रकम की वापसी को लेकर विवाद क्यों नहीं उठा और उनकी मृत्यु के बाद ही यह मामला सामने क्यों आया।
ताजदार ने प्रीति और शानदार के संबंधों को लेकर सामने आए कुछ अन्य दावों को भी चुनौती दी है। लंबे समय तक यह चर्चा रही कि शानदार अमरोही ने प्रीति जिंटा को अपनी गोद ली हुई बेटी माना था और अपनी संपत्ति में उनके लिए हिस्सा रखने की योजना बनाई थी। ताजदार ने इस दावे से भी इनकार किया है।
विवाद का एक हिस्सा करीब 600 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति से भी जुड़ा रहा है। ताजदार के अनुसार कमाल स्टूडियो से संबंधित चर्चाओं के दौरान शानदार के हिस्से की कीमत 600 करोड़ रुपये बताए जाने की बातें सामने आई थीं, लेकिन उनके मुताबिक इतनी बड़ी संपत्ति का दावा ही सही नहीं था। इसलिए प्रीति को उस संपत्ति का हिस्सा दिए जाने की बात भी उन्होंने खारिज की।
ताजदार के मुताबिक शानदार अमरोही प्रीति जिंटा के प्रशंसक थे और उन्हें महंगे सामान उपहार में दिया करते थे। हालांकि, उनके अनुसार इन उपहारों और कथित 2 करोड़ रुपये के कर्ज को अलग-अलग संदर्भों में देखा जाना चाहिए।
इस पूरे विवाद में एक तरफ प्रीति जिंटा का दावा है कि रकम कर्ज के रूप में दी गई थी और उसे वापस किया जाना चाहिए, जबकि दूसरी तरफ अमरोही परिवार की ओर से लेनदेन के प्रमाण और दावे के समय को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामला अदालत में लंबित होने के कारण अंतिम स्थिति कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
