व्यापारियों का कहना है कि भोपाल के कई इलाकों में वर्षों से छोटे और बड़े कारोबार संचालित हो रहे हैं। इन कारोबारों से सिर्फ दुकान मालिक ही नहीं बल्कि कर्मचारी और उनके परिवार भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में अचानक सीलिंग की कार्रवाई होने से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी रोटी प्रभावित होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार ऐसा रास्ता निकाले जिससे नियमों का पालन भी हो सके और लंबे समय से चल रहे कारोबार भी पूरी तरह बंद न हों।
प्रदर्शन के दौरान कुछ व्यापारी मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। बाद में प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान भी गाया।
इस आंदोलन में महिला कारोबारियों की मौजूदगी भी खास रही। ब्यूटी पार्लर और छोटे व्यवसाय चलाने वाली महिलाओं ने सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ अलग अंदाज में विरोध जताया। एक ब्यूटिशियन ने सड़क पर ही मेकअप करके अपना विरोध दर्ज कराया। महिला व्यापारियों का कहना था कि ब्यूटी पार्लर और इस तरह के छोटे कारोबार बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देते हैं। अगर इन प्रतिष्ठानों को बंद किया जाता है तो इसका सीधा असर कारोबारियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ेगा।
प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना था कि यदि उनकी समस्याओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों की ओर से आंदोलन उग्र करने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने की चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसी चेतावनियों को लेकर प्रशासन और पुलिस के सामने स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
व्यापारियों ने भोपाल के मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की मांग भी उठाई है। थोक बाजार व्यापारी संघ के अभिषेक रब्बू के मुताबिक शहर में मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि जिन इलाकों में लंबे समय से कारोबार चल रहे हैं वहां व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके। व्यापारियों ने गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून 2022 जैसे प्रावधान लागू करने की मांग भी रखी है।
व्यापारियों का तर्क है कि कई संपत्तियों की बाकायदा रजिस्ट्री हुई है और नगर निगम की ओर से इन संपत्तियों से संपत्ति कर भी लिया जाता है। ऐसे में वर्षों से संचालित कारोबारी गतिविधियों पर अचानक नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ी है। उनका कहना है कि यदि नियमों से जुड़ी कोई समस्या है तो सरकार को पहले समाधान और नियमितीकरण का रास्ता तलाशना चाहिए।
फिलहाल रोशनपुरा चौराहे पर हुए प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने आंदोलन खत्म कर दिया है लेकिन उन्होंने साफ संकेत दिया है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है। अब निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर हैं। एक तरफ नगर निगम की कार्रवाई और दूसरी तरफ कारोबारियों की रोजी रोटी से जुड़ी चिंता के बीच भोपाल में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है।
