कैबिनेट के फैसलों में महिलाओं और बेटियों से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिखाई दिया। सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये का प्रावधान मंजूर किया है। यह योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। लंबे समय के लिए वित्तीय प्रावधान तय होने से योजना के आगामी संचालन के लिए बजटीय आधार मजबूत होगा।
इसी तरह बेटियों के भविष्य और शिक्षा से जुड़ी लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16 हजार 326 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए भी अगले पांच वर्षों में 2 हजार 137 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन तीनों योजनाओं को मिलाकर महिला कल्याण और बेटियों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 1.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को भी कैबिनेट से बड़ा बजट मिला है। सरकार ने स्वास्थ्य योजनाओं और संबंधित कार्यों के लिए 11 हजार 835 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने मौजूदा सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में किया जाएगा। सरकार की कोशिश प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा प्रभावी और सुलभ बनाने की है।
किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। कृषि शिक्षा अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के लिए 870 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके जरिए कृषि क्षेत्र में नई तकनीक अनुसंधान प्रशिक्षण और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने से जुड़े कामों को बढ़ावा देने की योजना है। कैबिनेट में डिंडौरी जिले की उपलब्धि का भी उल्लेख हुआ जहां प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के तहत किए गए कार्यों के मामले में देश में बेहतर प्रदर्शन की जानकारी दी गई। सरकार अब इस मॉडल को दूसरे जिलों तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगी।
बैठक का एक बड़ा फैसला नर्मदा संरक्षण से जुड़ा रहा। सरकार ने नर्मदा नदी को निर्मल और अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का राज्य अनुदान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मिशन के तहत नदी के प्रदूषण को रोकने घाटों की साफ सफाई जल गुणवत्ता और नर्मदा के प्राकृतिक प्रवाह को बेहतर बनाए रखने जैसे मुद्दों पर काम किया जाएगा।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अगले पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी गई है। सरकार का जोर तकनीकी विकास नवाचार और विज्ञान आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर रहेगा। वहीं प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के प्रबंधन को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है।
खेल प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानने के लिए 5 से 15 वर्ष के बच्चों का टैलेंट सर्च कार्यक्रम चलाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके जरिए प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी खेल प्रतिभा के अनुसार प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर देने की तैयारी है।
कुल मिलाकर 18 अगस्त की मोहन कैबिनेट बैठक में सरकार ने महिला कल्याण किसानों स्वास्थ्य पर्यावरण विज्ञान तकनीक सड़क और खेल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया है। अगले पांच वर्षों के लिए किए गए इन वित्तीय प्रावधानों से सरकार ने विकास और जनकल्याण का एक व्यापक रोडमैप सामने रखने की कोशिश की है।
