डोभाल की यह टिप्पणी ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित आगामी दो हिस्सों वाली डॉक्यूसीरीज में सामने आई है। यह बातचीत अभियान के बाद उनके प्रमुख सार्वजनिक बयानों में से एक मानी जा रही है। इसमें उन्होंने सैन्य कार्रवाई के पीछे की सोच, सुरक्षा चुनौतियों और फैसले लेने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर बात की है।
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में डोभाल ने बताया कि करीब 88 घंटे चले सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाना था। कार्रवाई का संबंध पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़े ठिकानों से बताया गया। भारत ने इस अभियान के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति और प्रतिक्रिया की क्षमता को स्पष्ट करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि भारत शांति और सहनशीलता में विश्वास करता है, लेकिन इन दोनों मूल्यों को कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक देश जरूरत पड़ने पर ऐसे फैसले लेने में सक्षम है जिनमें जोखिम शामिल हो सकता है और जिनके संभावित परिणामों की परवाह किए बिना राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी है। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। इस अभियान को भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा गया।
डॉक्यूसीरीज में अभियान के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य स्तर पर लिए गए फैसलों से जुड़े कई पहलुओं को सामने लाने की तैयारी है। इसमें वरिष्ठ सुरक्षा और सैन्य अधिकारियों के अनुभवों के माध्यम से अभियान की परिस्थितियों और निर्णय प्रक्रिया को समझाने की कोशिश की जाएगी।
डोभाल इस कार्यक्रम में सैन्य कार्रवाई के पीछे मौजूद रणनीतिक सोच और विभिन्न स्तरों पर लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते नजर आएंगे। इससे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सामने मौजूद चुनौतियों को समझने का अवसर मिल सकता है।
अजीत डोभाल लंबे समय से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। भारतीय पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त डोभाल को 30 मई 2014 को पहली बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था। इसके बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, खुफिया मामलों और रणनीतिक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
डोभाल का करियर खुफिया और सुरक्षा क्षेत्र में लंबे अनुभव से जुड़ा रहा है। इसी पृष्ठभूमि के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में उनकी रणनीतिक समझ को विशेष महत्व दिया जाता है। ऑपरेशन सिंदूर पर उनकी टिप्पणी भी भारत की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ उसके दृष्टिकोण को रेखांकित करती है।
डॉक्यूसीरीज का प्रसारण शनिवार रात नौ बजे से निर्धारित है। कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े घटनाक्रम, सैन्य कार्रवाई और उससे संबंधित रणनीतिक फैसलों के बारे में विस्तार से जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
