दरअसल नर्सिंग छात्रों के संगठन NSO से जुड़े छात्र 8 अगस्त से नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में देरी और रिजल्ट समय पर जारी नहीं होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और दूसरे संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया भी लंबित परिणामों के कारण प्रभावित होने की बात कही जा रही है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया और इसी बीच Registrar को हटाने की कार्रवाई सामने आई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे प्रमुख मांग GNM और BSc Nursing के लंबित रिजल्ट जल्द जारी करने की है। विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को जल्द राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही आगामी नर्सिंग परीक्षाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द आयोजित कराने की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम में लगातार देरी होने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है और भविष्य की पढ़ाई तथा नौकरी से जुड़ी योजनाएं भी अटक रही हैं।
छात्रों ने छात्रवृत्ति से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि SC ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के साथ पैरामेडिकल छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए। इसके अलावा EWS और General वर्ग के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति की व्यवस्था करने की मांग सामने आई है। छात्रों का कहना है कि आर्थिक परेशानियों के कारण कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक व्यापक बनाया जाना चाहिए।
नर्सिंग छात्रों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग प्रदेश के नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जोड़ने की है। इसके साथ ही Faculty Management System लागू करने की मांग भी की जा रही है। छात्रों का तर्क है कि संस्थानों में फैकल्टी और शैक्षणिक व्यवस्था की बेहतर निगरानी के लिए पारदर्शी सिस्टम जरूरी है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट की निगरानी भी पहले से रही है और अदालत ने दस्तावेजों तथा छात्रों की व्यवस्था से संबंधित मामलों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
ऐसे में Registrar को हटाने की कार्रवाई को नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि लंबित रिजल्ट परीक्षा आयोजन छात्रवृत्ति और संस्थानों से जुड़े छात्रों के सभी मुद्दों का समाधान अब आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। छात्रों की नजर अब इस बात पर है कि लंबित परिणाम कब जारी होते हैं और आगामी परीक्षाओं को लेकर सरकार और काउंसिल क्या निर्णय लेती है।
