राज्यपाल की अध्यक्षता में प्रो. नागेश्वर राव होंगे मुख्य अतिथि
35 कुलाधिपति पदक और 46 विन्यासीकृत पदक होंगे प्रदान
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी का 31वां दीक्षांत समारोह 13 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह के आयोजन के लिए अनुमति प्रदान कर दी है। समारोह में उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय बुंदेलखंड क्षेत्र के सात जिलों में पिछले 50 वर्षों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से ए++ ग्रेड प्राप्त है। विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के अंतर्गत एमईआरयू के लिए चयनित उत्कृष्ट विश्वविद्यालय भी है। विश्वविद्यालय से बुंदेलखंड क्षेत्र के सात जिलों के लगभग 390 महाविद्यालय संबद्ध हैं, जिनमें 3 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय परिसर में 9 संकायों के 27 विभागों में 100 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान को एनआईआरएफ में 68वीं रैंक प्राप्त है। वहीं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को श्रेणी-एक (कैटेगरी-वन) का दर्जा प्राप्त है।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. नागेश्वर राव, अध्यक्ष, कार्यकारी समिति, राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) एवं कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) होंगे। वे उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षांत अभिभाषण से संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
भीलवाड़ा, राजस्थान के पिचवाई चित्रकार दिनेश सोनी को पिचवाई कला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए डी.लिट. की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
35 कुलाधिपति पदक
वर्ष 2026 में कुल 35 कुलाधिपति पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 1 स्वर्ण, 16 रजत और 18 कांस्य पदक शामिल हैं। स्वर्ण पदक पाने वालों में 1 महिला और कोई पुरुष नहीं है। रजत पदकों में 15 महिलाएं और 1 पुरुष, जबकि कांस्य पदकों में 12 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। कुल मिलाकर 35 पदकों में 28 महिलाएं और 7 पुरुष हैं। महिलाओं की भागीदारी 80 प्रतिशत और पुरुषों की 20 प्रतिशत है।
इसके अलावा 46 विन्यासीकृत पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 37 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं। इन पदक प्राप्तकर्ताओं में महिलाओं की भागीदारी 80.40 प्रतिशत तथा पुरुषों की 19.60 प्रतिशत है।
34,947 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां
वर्ष 2026 में कुल 34,947 उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 29,919 स्नातक, 4,945 परास्नातक तथा 83 पीएचडी उपाधियां शामिल हैं।
स्नातक उपाधियों में 16,949 महिलाएं और 12,970 पुरुष, परास्नातक में 3,300 महिलाएं और 1,645 पुरुष, जबकि पीएचडी में 46 महिलाएं और 37 पुरुष शामिल हैं। कुल मिलाकर 20,295 महिलाओं और 14,652 पुरुषों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। कुल उपाधि प्राप्तकर्ताओं में महिलाओं की भागीदारी 58.07 प्रतिशत और पुरुषों की 41.93 प्रतिशत है।
विभागवार आंकड़ों के अनुसार उपाधि प्राप्त करने वालों में विज्ञान संकाय के 38, वाणिज्य संकाय के 14, विधि संकाय के 4, शिक्षा संकाय के 8 तथा कृषि संकाय के 1 विद्यार्थी शामिल हैं। समारोह को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
