गुरुवार को बोर्ड के गठन के बाद आयोजित आभार एवं अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बोर्ड केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित घुमंतू और विमुक्त समाज को न्याय, सम्मान और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ना है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया जैसे वंचित समुदायों को राशन कार्ड, भूमि के पट्टे, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, निःशुल्क बिजली व गैस कनेक्शन तथा विभिन्न पेंशन योजनाओं से जोड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए जनता केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि ‘जनार्दन’ है। इसी सोच के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय और श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां शिक्षा, आवास और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि अब किसी भी घुमंतू या विमुक्त समुदाय को ‘क्रिमिनल ट्राइब’ कहकर नहीं पुकारा जा सकता। ये वे समुदाय हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अब उन्हें उनका उचित सम्मान दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। घुमंतू विकास बोर्ड इन समुदायों की पहचान कर उन्हें शासन की सभी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह समुदाय गुरु गोरखनाथ की परंपरा का अनुयायी रहा है और प्राचीन काल में समाज को जागरूक करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार घुमंतू समुदायों के सम्मानजनक पुनर्वास और समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
