पाकिस्तान के लिए यह जीत कई मायनों में खास रही। टीम ने न केवल तीन साल बाद विदेशी सरजमीं पर टेस्ट मैच जीता बल्कि डब्ल्यूटीसी में अपनी स्थिति भी मजबूत की। अब तक खेले गए छह टेस्ट मैचों में पाकिस्तान ने दो मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि चार मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। इस जीत के बाद टीम का जीत प्रतिशत बढ़कर 22.22 हो गया है जिससे उसे अंक तालिका में लाभ मिला। दूसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान सबसे निचले स्थान पर था लेकिन अब उसने वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ दिया है।
वेस्टइंडीज की स्थिति इस हार के बाद और कमजोर हो गई है। टीम ने डब्ल्यूटीसी चक्र में अब तक 12 टेस्ट मुकाबले खेले हैं जिनमें केवल दो जीत दर्ज कर सकी है जबकि आठ मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। टीम का जीत प्रतिशत अब 20.83 रह गया है और इसी वजह से वह अंक तालिका में अंतिम स्थान पर पहुंच गई है। लगातार खराब प्रदर्शन ने कैरेबियाई टीम के लिए आगे की राह और कठिन बना दी है।
मुकाबले की बात करें तो वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए थे और मजबूत शुरुआत की थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में मिली यही बढ़त अंत में निर्णायक साबित हुई। दूसरी पारी में पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखेर दी।
वेस्टइंडीज दूसरी पारी में केवल 117 रन पर सिमट गई। टीम के पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की ओर से अली उस्मान और साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार चार विकेट अपने नाम किए। दोनों स्पिनरों ने लगातार दबाव बनाकर कैरेबियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम को जल्दी समेट दिया।
75 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत भले ही थोड़ी धीमी रही लेकिन टीम ने बिना किसी परेशानी के केवल दो विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक दोनों 24 24 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि अजान अवैस ने 18 रन का योगदान दिया। इमाम उल हक 9 रन बनाकर आउट हुए लेकिन तब तक जीत लगभग तय हो चुकी थी।
यह जीत पाकिस्तान के आत्मविश्वास के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि टीम ने जुलाई 2023 के बाद पहली बार विदेशी धरती पर टेस्ट मुकाबला जीता है। इससे पहले पाकिस्तान ने श्रीलंका में आखिरी विदेशी टेस्ट जीत दर्ज की थी। बाबर आजम की कप्तानी में मिली इस सफलता ने टीम को नई ऊर्जा दी है और डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका में भी उसकी स्थिति पहले से बेहतर हो गई है।
