नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में सांप के डसने से एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। मऊरानीपुर क्षेत्र के ककवारा गांव निवासी 23 वर्षीय सक्षम दीक्षित ने जहरीले कोबरा के डसने के बाद सात दिनों तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ी, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सक्षम दीक्षित अपने पिता मनोज दीक्षित के साथ खेती-बाड़ी का काम करते थे। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन और जुड़वा भाई शशांक हैं। परिजनों के मुताबिक सक्षम धार्मिक प्रवृत्ति के थे और प्रत्येक सोमवार भगवान शिव का व्रत रखते थे। 20 जुलाई को भी उन्होंने व्रत रखा था और रात के समय घर के कमरे में जमीन पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान एक जहरीला काला कोबरा वहां पहुंचा और उनके पैर में डस लिया।
सांप के डसते ही सक्षम की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों ने बिना समय गंवाए उन्हें पहले मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में लगातार इलाज चलता रहा, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। आखिरकार सात दिन तक उपचार के बाद सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि जिस कोबरा सांप ने सक्षम को डसा था, वह घटना के बाद भी आसपास देखा गया था। हालांकि वन विभाग या संबंधित एजेंसियों की ओर से सांप को पकड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि अचानक हुई इस घटना ने पूरे घर को गहरे सदमे में डाल दिया है। सक्षम अपने व्यवहार और मिलनसार स्वभाव के कारण गांव में सभी के बीच लोकप्रिय थे और उनकी असमय मृत्यु से ग्रामीण भी दुखी हैं।
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की औपचारिक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया मामला जहरीले सांप के डसने से हुई मौत का प्रतीत हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि संयोगवश जिस सोमवार को सक्षम ने भगवान शिव का व्रत रखा था, उसी दिन उन्हें सांप ने डसा और ठीक सात दिन बाद फिर सोमवार को उनकी मृत्यु हुई। इस संयोग की गांव में चर्चा जरूर है, लेकिन चिकित्सकीय दृष्टि से उनकी मौत का कारण जहरीले सांप के विष का असर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में घरों और खेतों के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो बिना देरी किए उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए और झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।
