झांसी। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के साथ ही बुंदेलखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार रात झांसी में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान जताया है।
एक हफ्ते तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
बीते कुछ दिनों से राजस्थान की ओर से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण वातावरण में नमी कम हो गई थी, जिससे मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं। इसके चलते तापमान बढ़ने के साथ उमस भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही थी। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे आसमान में घने बादल छाने शुरू हुए और रात करीब आठ बजे तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। देर रात तक कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही, जिससे मौसम में ठंडक महसूस की गई।
लखनऊ मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून दोबारा सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से अगले सात दिनों तक बीच-बीच में हल्की और तेज बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
सामान्य से अब भी 51 प्रतिशत कम बारिश
एक जून से 17 जुलाई तक झांसी जिले में औसतन 206.4 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल करीब 102 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 51 प्रतिशत कम है। हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने पर वर्षा का यह अंतर काफी हद तक कम हो सकता है।
कई इलाकों में जलभराव
बारिश के बाद शहर के पठौरिया, इंद्रपुरी कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। इससे नाला सफाई की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
किसानों के लिए राहत बनी बारिश
ग्रामीण क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है। कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण मूंगफली, तिल, मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसी खरीफ फसलें नमी की कमी से प्रभावित हो रही थीं। खेतों में अंकुरित पौधे सूखने की स्थिति में पहुंच गए थे। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश विशेष रूप से मूंगफली और तिल की फसल के लिए संजीवनी साबित होगी और इससे फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है।
