झांसी। झांसी किले की तलहटी में स्थित राजकीय संग्रहालय जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस नए रूप में दिखाई देगा। करीब 24.40 करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। इसे दिल्ली के आधुनिक संग्रहालयों की तर्ज पर विकसित करने की योजना है, जिससे पर्यटकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
योजना के तहत संग्रहालय की सभी वीथिकाओं का नवीनीकरण किया जाएगा। इन्हें स्मार्ट और डिजिटल बनाया जाएगा ताकि आगंतुक टच स्क्रीन जैसी आधुनिक तकनीक के माध्यम से यहां प्रदर्शित ऐतिहासिक धरोहरों और उनके महत्व की विस्तृत जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
एक दशक बाद होगा बड़ा बदलाव
राजकीय संग्रहालय में रानी लक्ष्मीबाई सहित बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी हजारों पुरातात्विक धरोहरें, दुर्लभ मूर्तियां और ऐतिहासिक वस्तुएं सुरक्षित रखी गई हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इन धरोहरों को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। हालांकि, पिछले लगभग दस वर्षों से संग्रहालय में कोई बड़ा सुधार कार्य नहीं हुआ, जिसके कारण भवन और सुविधाओं की स्थिति प्रभावित हुई। अब इसे आधुनिक स्वरूप देने के लिए व्यापक परियोजना शुरू की जा रही है।
आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगी वीथिकाएं
राजकीय संग्रहालय के निदेशक डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, परियोजना में भवन का नवीनीकरण, संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और आधुनिक इंटीरियर विकसित किया जाएगा। संग्रहालय की सभी वीथिकाओं को डिजिटल बनाया जाएगा। यहां आने वाले पर्यटक टच स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित वस्तुओं का इतिहास और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अलावा संग्रहालय में अत्याधुनिक एचवीएसी (केंद्रीकृत वातानुकूलन) प्रणाली, आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम और नई विद्युत व्यवस्था स्थापित की जाएगी। परिसर के पार्क क्षेत्र में लैंडस्केपिंग का कार्य भी कराया जाएगा, जिससे संग्रहालय का वातावरण और अधिक आकर्षक बनेगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि इस महीने के अंतिम सप्ताह से निर्माण और आधुनिकीकरण का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके पूरा होने के बाद झांसी का राजकीय संग्रहालय आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नए सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
