टहरौली/झाँसी। टहरौली के समाजसेवियों, पत्रकारों और शिकायतकर्ताओं ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सामूहिक शिकायती पत्र भेजकर तहसील के राजस्व अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे व निर्माण कराने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत टहरौली किला की नई आबादी, मरघट, पड़ाव, गोचर, खलिहान, खेल मैदान, कन्या पाठशाला, चकरोड, तालाब और सड़क किनारे की सार्वजनिक भूमि तक को बेचकर बहुमंजिला भवन खड़े कर दिए गए, जबकि वर्षों पहले अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी हो चुके हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि करोड़ों रुपये के इस कथित भूमि घोटाले को राजस्व अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। साथ ही फर्जी जाति व निवास प्रमाण-पत्रों के गोरखधंधे तथा प्रस्तावित नगर पंचायत टहरौली संबंधी शासनादेशों की अनदेखी का भी आरोप लगाया गया है। बाबूसिंह यादव, सुरेंद्र प्रजापति, अंकित गौतम, जाहर सिंह यादव समेत अन्य शिकायतकर्ताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से झाँसी के अधिकारियों से अलग किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
