सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नेतृत्व ने तय किया है कि पार्टी के सभी विधायकों को कर्नाटक के प्रसिद्ध धर्मस्थल मंदिर ले जाया जाएगा, जहां उन्हें भगवान शिव के समक्ष शपथ दिलाई जाएगी। इस शपथ प्रक्रिया का उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन विधायकों ने पार्टी के खिलाफ जाकर क्रॉस वोटिंग की थी।
पार्टी के भीतर मचे इस राजनीतिक संकट के बाद नेतृत्व का मानना है कि यह कदम संगठन में एकजुटता बनाए रखने और अंदरूनी असंतोष को उजागर करने में मदद करेगा। बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी की जा सकती है और इसके लिए शीर्ष स्तर पर बैठक के बाद तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
धर्मस्थल मंदिर, जिसे कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है, अपने ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। लगभग 800 साल पुराने इस मंदिर को धार्मिक सद्भाव का प्रतीक भी माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
हाल ही में हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस ने सात में से पांच सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि भाजपा को केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं उसकी सहयोगी जेडीएस इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी। इसी चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण विपक्षी खेमे को नुकसान उठाना पड़ा और परिणाम अप्रत्याशित रूप से बदल गए।
इसी घटना के बाद अब भाजपा संगठन अपने भीतर अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए यह कदम उठा रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह की राजनीतिक असहमति और क्रॉस वोटिंग को रोका जा सके।
