मुख्यमंत्री को भेजे गए एक शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि यमुना नदी खंड संख्या 16/23 से 16/25 के तहत बालू और मोरम खनन का पट्टा मेसर्स अदीजा माइन्स एंड कन्स्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के नाम स्वीकृत है। इस पट्टे से जुड़े संचालन में गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिसमें पट्टाधारक के रूप में आदर्श कुमार, पुत्र वेद प्रकाश, निवासी ग्राम गौरीया, जनपद हरदोई का नाम दर्ज बताया गया है।
शिकायत में दावा किया गया है कि दलेलगंज और जमुनापुर के बीच यमुना नदी की मुख्य जलधारा, जो आगे रामनगर और महेवा की दिशा में जाती है, उसे रोककर कृत्रिम रास्ता बनाया गया है। इस रास्ते का उपयोग भारी मशीनों के जरिए नदी के भीतर से लगातार मोरम और बालू निकालने के लिए किया जा रहा है। आरोपों के अनुसार, यह पूरा काम बिना पर्याप्त निगरानी और पर्यावरणीय नियमों के पालन के किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस कथित अवैध खनन को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर असर पड़ने और पर्यावरणीय असंतुलन की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धारा को मोड़ने और अवरुद्ध करने से आसपास के क्षेत्रों में जल संकट और कटाव जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतने संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह के कथित कार्य कैसे चल रहे हैं और निगरानी व्यवस्था क्यों प्रभावी नहीं रही। फिलहाल शिकायत के आधार पर जांच की मांग की गई है और लोगों की नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
