पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 114 बैंक खातों का इस्तेमाल कर भारी पैमाने पर अवैध ट्रांजेक्शन किए। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और करोड़ों रुपये के डिजिटल लेनदेन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब तक 4.35 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज की जा चुकी है।
गिरोह लोगों को ऑनलाइन गेमिंग, सट्टा और निवेश के नाम पर फंसाता था। इसके बाद ठगी की रकम को पहले यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदला जाता था और फिर उसे अमेरिकी डॉलर व चीनी युआन में कन्वर्ट कर हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेज दिया जाता था।
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड इंदौर निवासी ध्रुव बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल सदस्य इंडोनेशिया की सिम का इस्तेमाल कर बैंक खातों को ऑपरेट करते थे और किराए पर लिए गए खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे।
फिलहाल साइबर सेल और अन्य एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, क्योंकि आशंका है कि यह गिरोह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशी साइबर नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।
