सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आम दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ देखने को मिली। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री रहा। हवा में नमी भी बेहद कम दर्ज की गई, जिससे गर्मी और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की तरफ से आ रही शुष्क और गर्म हवाएं (लू) इस भीषण गर्मी की मुख्य वजह हैं।
रात के समय भी तापमान में खास गिरावट नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को लगातार असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पंखे, कूलर और एसी पर बढ़ती निर्भरता के चलते बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है। लोगों को सलाह दी गई है कि यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें, हल्के सूती कपड़े पहनें और नियमित अंतराल पर पानी या शीतल पेय का सेवन करते रहें।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतें और बुजुर्गों व बच्चों को दोपहर की गर्मी से दूर रखें।
