नई दिल्ली। शेयर बाजार में कई बार कंपनियों की असली परफॉर्मेंस से ज्यादा असर उनके नाम, चर्चा और सोशल मीडिया ट्रेंड का देखने को मिलता है। ऐसा ही एक दिलचस्प मामला इन दिनों Parle Industries के शेयरों में देखने को मिल रहा है, जहां लगातार तीसरे कारोबारी दिन अपर सर्किट लग गया है। इस तेजी के पीछे कंपनी का बिजनेस नहीं, बल्कि एक वायरल ‘मेलोडी मोमेंट’ और नाम की गफलत को बड़ी वजह माना जा रहा है।
दरअसल हाल ही में एक कूटनीतिक मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा इटली की प्रधानमंत्री को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की गई थी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह टॉफी चर्चा का विषय बन गई। इटली की प्रधानमंत्री ने भी इस टॉफी की सराहना की, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई। इस पूरे घटनाक्रम ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ‘मेलोडी’ नाम को अचानक सुर्खियों में ला दिया।
इसी वायरल चर्चा के बीच शेयर बाजार में एक दिलचस्प भ्रम की स्थिति बन गई। कई निवेशकों ने टॉफी बनाने वाली कंपनी को समझने में गलती करते हुए Parle Industries के शेयर खरीदने शुरू कर दिए, जबकि वास्तविक टॉफी बनाने वाली कंपनी एक अलग अनलिस्टेड FMCG इकाई है। नाम में समानता होने की वजह से यह भ्रम और बढ़ गया और बाजार में खरीदारी का दबाव अचानक तेज हो गया।
Parle Industries का असली बिजनेस टॉफी या बिस्किट से जुड़ा नहीं है। यह कंपनी मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसके अलावा कंपनी कागज कचरे के रीसाइक्लिंग से जुड़े कारोबार में भी सक्रिय है। लेकिन सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा और ‘पारले’ नाम की पहचान ने इसे अनजाने में एक अलग वजह से सुर्खियों में ला दिया।
इस अप्रत्याशित खरीदारी के चलते कंपनी के शेयर लगातार तीसरे कारोबारी दिन 5 प्रतिशत के अपर सर्किट पर पहुंच गए। पिछले तीन दिनों में शेयर में लगभग 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की तेजी अक्सर तब देखने को मिलती है जब किसी स्टॉक को लेकर अचानक चर्चा बढ़ जाती है और निवेशक बिना पूरी जानकारी के खरीदारी करने लगते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि आज के समय में सोशल मीडिया और वायरल ट्रेंड्स का असर शेयर बाजार पर कितना तेजी से पड़ सकता है। एक साधारण उपहार से शुरू हुई चर्चा ने न केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ध्यान खींचा, बल्कि शेयर बाजार में भी अस्थायी हलचल पैदा कर दी।
फिलहाल निवेशकों की दिलचस्पी के चलते Parle Industries के शेयरों में तेजी जारी है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ट्रेंड आधारित मूवमेंट लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होते। असली दिशा कंपनी के मूल व्यवसाय और वित्तीय प्रदर्शन पर ही निर्भर करती है, जबकि इस मामले में तेजी का कारण पूरी तरह भावनात्मक और भ्रम पर आधारित दिखाई देता है।
