डीआरएम ने निरीक्षण की शुरुआत प्लेटफॉर्म नंबर-1 से की, जहां उन्होंने यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की बारीकी से जांच की। दिव्यांग शौचालय के सामने वेंडर कर्मचारियों को बैठे देख उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल उन्हें हटाने के निर्देश दिए। इसी दौरान एक यात्री ने शिकायत की कि रात के समय स्टेशन के शौचालय बंद कर दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत सुनते ही डीआरएम ने स्टेशन अधीक्षक और संबंधित ठेकेदार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था की भी जांच की गई। एक स्टॉल पर पानी की बोतल का मूल्य पूछने पर कर्मचारी सही जानकारी नहीं दे सका, जिस पर डीआरएम ने वेंडरों को साफ चेतावनी दी कि ओवररेटिंग, यात्रियों से अभद्र व्यवहार या किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर उनका लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
इसके बाद डीआरएम ने स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वचालित सीढ़ियों, नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी), एस्केलेटर और प्लेटफॉर्म शेड की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए। उन्होंने प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण शीघ्र पूरा करने, नए एफओबी पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्लेटफॉर्म और एस्केलेटर शेड में सुधार करने और वेटिंग रूम के खाली हिस्सों में आकर्षक पेंटिंग कराने को कहा। इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने, एटीवीएम मशीन को हमेशा चालू रखने और प्लेटफॉर्म के सभी वॉटर स्टैंड की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए।
डीआरएम पंकज त्यागी ने बताया कि यह एक नियमित निरीक्षण था और इसमें जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें मौके पर ही सुधारने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्टेशन के लोकार्पण की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हालांकि अभी उद्घाटन की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन प्लेटफॉर्म 1 से 3 तक यात्रियों की आवाजाही के लिए नया एफओबी और एस्केलेटर लोकार्पण से पहले शुरू कर दिए जाएंगे।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करोड़ों रुपए की लागत से विदिशा रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। ऐसे में डीआरएम का सख्त निरीक्षण यह संकेत दे रहा है कि रेलवे स्टेशन के लोकार्पण से पहले किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहता।
