मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और मध्य भारत में चल रही गर्म और शुष्क हवाओं का असर मध्यप्रदेश पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, रीवा, सागर और उज्जैन संभाग में गर्म हवाओं का असर अधिक रहेगा। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम देखने को मिल सकती है।
राजधानी भोपाल में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि ग्वालियर, खजुराहो, नौगांव और दतिया जैसे इलाकों में पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने ‘वार्म नाइट’ की स्थिति को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सड़क किनारे ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने का रस, छाछ और लस्सी की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। वहीं अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और लू से संबंधित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलते समय सिर को ढंकने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और लगातार पानी पीते रहने की अपील की गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता फिलहाल कमजोर है, जिसके कारण प्रदेश में बारिश की संभावना बेहद कम बनी हुई है। आने वाले तीन-चार दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 45 डिग्री के करीब तापमान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
गर्मी के इस तीखे दौर ने बिजली की मांग भी बढ़ा दी है। एसी, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से कई शहरों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।
