नई दिल्ली। सहारनपुर, जिसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, इन दिनों गंदगी और कूड़े के ढेर से जूझ रहा है। वजह है सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, जो पिछले कई दिनों से जारी है। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
कुतुबशेर थाना क्षेत्र, लकड़ी बाजार, कपड़ा मार्केट, नेहरू मार्केट, लोहानी सराय समेत कई इलाकों में सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 4–5 दिनों से कूड़ा उठाने वाला कोई नहीं आया, जिससे गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के अनुसार कूड़े से उठती तेज बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है और व्यापार पर सीधा असर पड़ा है। लोगों को नाक बंद कर इलाके से गुजरना पड़ रहा है।
शहर निवासी नफीस अहमद ने बताया कि हालात इतने खराब हैं कि घरों में रहना और दुकान चलाना दोनों मुश्किल हो गया है। वहीं मोहम्मद आफ्फक का कहना है कि कूड़े के ढेर सड़क तक फैल गए हैं और अब यह गंदगी वाहनों के जरिए पूरे इलाके में फैल रही है।
दूसरी ओर, सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे निजीकरण और ठेका प्रथा के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे कर्मचारियों का शोषण होगा और वेतन में कटौती की जाएगी। सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस बातचीत नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
फिलहाल हड़ताल के चलते सहारनपुर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और स्थानीय लोग जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
