नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा में दीपिका नागर की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर दहेज प्रताड़ना और वैवाहिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का दावा है कि शादी के बाद से ही दीपिका मानसिक और भावनात्मक दबाव में थी।
परिजनों के अनुसार, 13 मई को चाचा के गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान दीपिका ने अपनी मां से कहा था “मम्मी मैं बहुत परेशान हूं…”, लेकिन उस समय परिवार ने इसे सामान्य घरेलू तनाव समझ लिया। बाद में यह शब्द परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गए।
परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही दीपिका पर फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये की दहेज मांग को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। कथित तौर पर उसे बार-बार ताने दिए जाते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि वह अपने रिश्ते को बचाने के लिए लगातार समझौता करती रही।
घटना के बाद परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस समय दीपिका की मौत हुई, उस दौरान तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि उनका शव ऐसी स्थिति में मिला, जिससे घटना को लेकर संदेह और बढ़ गया है। हालांकि, ये सभी दावे फिलहाल परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान पर आधारित हैं।
पड़ोसियों के अनुसार घटना के तुरंत बाद सबसे पहले दीपिका के पति नीचे पहुंचे, इसके बाद ससुर भी वहां पहुंचे। वहीं परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद सास अस्पताल तक नहीं पहुंचीं और दीपिका की जूलरी भी लंबे समय से उनके पास थी, जिससे तनाव बढ़ता था।
दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का कहना है कि दीपिका को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल यह मामला दहेज प्रताड़ना, घरेलू तनाव और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के रूप में जांच के दायरे में है, जिसमें सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
