एटीएम जारी कर खुद ही रख लिया, फिर निकाली रकम
आरोपों के मुताबिक, बैंक कर्मचारी ने पहले सत्यनारायण के नाम पर एटीएम कार्ड जारी कराया और उसे अपने पास ही रख लिया। इसके बाद 3 अगस्त से 14 अगस्त 2025 के बीच एटीएम ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए खाते से लाखों रुपए निकाल लिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खाताधारक को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से एटीएम कार्ड जारी हो चुका है।
ओटीपी लेकर महिला के खाते से भी उड़ाए पैसे
शिकायत में यह भी सामने आया है कि 16 सितंबर 2025 को आरोपी द्रोपती बाई के घर पहुंचा और कहा कि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। इसी बहाने उसने ओटीपी हासिल कर लिया और उनके खाते से करीब 4 लाख 85 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसी तरह देवर सत्यनारायण के खाते से भी करीब 4 लाख 89 हजार रुपए निकाले जाने का आरोप है, जिससे कुल धोखाधड़ी की रकम लाखों में पहुंच गई है।
खाता खुलवाने के बहाने शुरू हुई धोखाधड़ी
पीड़िता के अनुसार आरोपी पहले सत्यनारायण की दुकान पर खाता खुलवाने के लिए पहुंचा था। वहीं से उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। आरोप यह भी है कि कुछ रकम भूपेंद्र नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
राजेंद्र नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी बैंक कर्मचारी से पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और बैंकिंग प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और ग्राहक डेटा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
