रिपोर्ट्स के मुताबिक EESL ने पहले चरण में करीब 2 लाख इंडक्शन कुकटॉप के लिए टेंडर जारी किया है, जो पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। आगे चलकर सरकार की योजना इसे बड़े स्तर पर बढ़ाने की है, जिसमें 60 से 80 लाख यूनिट तक इंडक्शन स्टोव खरीद और वितरण का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसका मकसद बिजली आधारित खाना पकाने को बढ़ावा देकर एलपीजी की खपत पर दबाव कम करना है।
सरकार पहले भी LED बल्ब योजना के जरिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा बचत अभियान चला चुकी है, जिससे कीमतें कम हुई थीं और इस्तेमाल बढ़ा था। अब उसी मॉडल को इंडक्शन कुकटॉप पर लागू करने की तैयारी है ताकि घरेलू कुकिंग सिस्टम धीरे-धीरे हाईटेक और इलेक्ट्रिक आधारित बन सके।
हालांकि इस बदलाव की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और आयातित एलपीजी व कच्चे तेल पर बढ़ता दबाव भी माना जा रहा है। फिलहाल सरकार का फोकस ऊर्जा बचत, लागत में कमी और घरेलू स्तर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग को मजबूत बनाने पर है।
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