एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के अंदर यह माना जा रहा है कि मौजूदा हालात लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्टारमर सम्मानजनक तरीके से और अपनी शर्तों पर पद छोड़ना चाहते हैं।
लेबर सरकार पर कई मोर्चों से दबाव
ब्रिटेन की लेबर सरकार हाल के महीनों में कई विवादों में घिरी रही है। पार्टी के भीतर नियुक्तियों को लेकर सवाल उठे, जबकि कुछ नेताओं के विवादित नामों से जुड़े आरोपों ने सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा स्थानीय चुनावों में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन ने भी नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पूर्व हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने इस्तीफा देकर खुलकर नेतृत्व को चुनौती देने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में लेबर पार्टी में नेतृत्व की दौड़ होती है तो वह प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी पेश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्टारमर को अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट टाइमलाइन तय करनी चाहिए।
I’ll always champion peaceful protest. But the Unite the Kingdom march organisers are peddling hatred and division.
We’ve already blocked visas for far-right agitators who want to come here to spew their extremist views.
They don’t speak for the decent, fair, respectful Britain… pic.twitter.com/hdu8kgxHFp
— Keir Starmer (@Keir_Starmer) May 15, 2026
यूगव यूके के सर्वे के मुताबिक करीब 69 प्रतिशत ब्रिटिश नागरिकों की राय कीर स्टारमर को लेकर नकारात्मक है। रिपोर्ट्स में उन्हें हाल के वर्षों के सबसे कम लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में गिना जा रहा है। कई राजनीतिक विश्लेषक उनकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस से भी कर रहे हैं, जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा था।
लेबर पार्टी के अंदर भी चिंता बढ़ती जा रही है कि अगर लोकप्रियता में गिरावट जारी रही तो भविष्य के चुनावों में पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है। साथ ही दक्षिणपंथी नेता निगेल फराज और उनकी पार्टी Reform UK को इसका फायदा मिलने की आशंका जताई जा रही है।
इस्तीफे की अटकलों पर स्टारमर का जवाब
बढ़ती अटकलों के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सीधे इस्तीफे पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन देश में बढ़ते सामाजिक और राजनीतिक तनाव पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन नफरत और विभाजन फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्टारमर ने यह भी कहा कि सरकार कट्टरपंथी और उग्र विचारों को बढ़ावा देने वाले तत्वों पर नजर रख रही है और ऐसे लोगों को ब्रिटेन के मूल्यों के खिलाफ बताया।
