ब्रिटेन में लेबर पार्टी के सांसद एलेक्स सॉबेल समेत 11 अन्य सांसदों ने सरकार को एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें कहा गया है कि गंभीर आपात स्थिति में टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी को यह अधिकार होना चाहिए कि वह AI सिस्टम और डेटा सेंटर को तुरंत बंद कर सकें।
प्रस्ताव के मुताबिक, अगर AI सिस्टम से मानव जीवन, राष्ट्रीय सुरक्षा या महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरा पैदा होता है, तो उसे “इमरजेंसी स्थिति” माना जाएगा और ऐसे हालात में सिस्टम को तत्काल बंद करने की अनुमति होनी चाहिए। अगर यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो कंपनियों को ऐसे तकनीकी सिस्टम विकसित करने होंगे जिससे सरकारी आदेश पर डेटा सेंटर तुरंत बंद किए जा सकें।
इस बीच अमेरिका में भी इसी तरह की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई नेताओं ने AI को नियंत्रित करने के लिए “किल स्विच” की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि AI के तेजी से बढ़ते विकास को बिना नियंत्रण छोड़ना भविष्य के लिए खतरा बन सकता है।
ट्रंप और कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए तो यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि मानवता के अस्तित्व पर भी सवाल खड़ा हो जाए।
हाल के समय में AI तकनीक बेहद तेजी से विकसित हुई है। कुछ नए मॉडल्स को लेकर यह भी दावा किया गया है कि वे सिस्टम और सॉफ्टवेयर तक को प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण बड़ी टेक कंपनियां फिलहाल इन्हें सीमित या नियंत्रित तरीके से ही इस्तेमाल कर रही हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, AI के बढ़ते प्रभाव के बीच “सेफ्टी बैलेंस” सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। सरकारें अब इस दिशा में कानून और तकनीकी नियंत्रण दोनों पर काम कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
