रिपोर्ट के अनुसार, ये ऐप्स “CallPhantom” नाम से जाने जा रहे हैं। इनका दावा था कि कोई भी यूजर किसी भी नंबर की पूरी कॉल डिटेल, मैसेज और व्हाट्सऐप कॉल हिस्ट्री देख सकता है। लेकिन असलियत में ये ऐप्स पूरी तरह फर्जी डेटा बनाते थे और यूजर्स से उसे देखने के लिए पैसे या सब्सक्रिप्शन वसूलते थे।
कैसे हुआ खुलासा?
यह मामला तब सामने आया जब Reddit पर “Call History of Any Number” नाम के एक ऐप की चर्चा शुरू हुई। ऐप को “Indian gov.in” जैसे फर्जी डेवलपर नाम से पेश किया गया था, जिससे यह सरकारी या भरोसेमंद लग सके।
ESET रिसर्चर्स ने जांच में पाया कि ऐप द्वारा दिखाया गया कॉल डेटा पूरी तरह नकली था। यह ऐप खुद ही रैंडम नंबर, नाम, कॉल टाइम और ड्यूरेशन बनाकर स्क्रीन पर दिखाता था, ताकि यूजर को लगे कि असली डेटा मिल रहा है।
असली स्कैम कैसे चलता था?
यूजर्स को पहले फ्री में सीमित जानकारी दिखाई जाती थी, लेकिन जैसे ही वे “फुल रिपोर्ट” देखने के लिए क्लिक करते थे, उन्हें सब्सक्रिप्शन खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था। पैसे देने के बाद भी असली डेटा नहीं, बल्कि वही नकली रिकॉर्ड दिखाया जाता था।
27 और ऐप्स भी मिले
जांच में पता चला कि इसी तरह के 27 और फर्जी ऐप्स भी Play Store पर मौजूद थे, जो इसी पैटर्न पर काम कर रहे थे। ESET ने 16 दिसंबर 2025 को Google को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद सभी ऐप्स को स्टोर से हटा दिया गया।
बड़ा खतरा क्या है?
ऐसे ऐप्स सिर्फ पैसे की ठगी ही नहीं करते, बल्कि यूजर्स का भरोसा भी तोड़ते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी रेटिंग, रिव्यू और परमिशन जरूर चेक करनी चाहिए।
