1. Reservation Choice में जरूर चुनें Lower Berth
टिकट बुक करते समय “Reservation Choice” सेक्शन में “Lower Berth” का विकल्प जरूर चुनें। इससे रेलवे का कंप्यूटराइज्ड सिस्टम आपकी प्राथमिकता को रिकॉर्ड करता है और सीट अलॉटमेंट के दौरान उसे ध्यान में रखता है। हालांकि यह 100% गारंटी नहीं देता, लेकिन संभावना काफी बढ़ जाती है।
2. जितनी जल्दी बुकिंग, उतने ज्यादा चांस
लोअर बर्थ पाने का सबसे बड़ा नियम है जल्दी टिकट बुक करना। जैसे-जैसे सीटें भरती जाती हैं, लोअर बर्थ उपलब्धता कम होती जाती है। Tatkal या आखिरी समय की बुकिंग में अक्सर मिडिल और अपर बर्थ ही बचती हैं।
3. सीनियर सिटीजन कोटे का लें फायदा
भारतीय रेलवे बुजुर्ग यात्रियों और 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए विशेष लोअर बर्थ कोटा देता है। अगर बुकिंग के दौरान सही उम्र और विवरण भरे जाएं तो सिस्टम प्राथमिकता के आधार पर लोअर बर्थ अलॉट कर सकता है।
4. ज्यादा लोगों की बजाय छोटे ग्रुप में करें बुकिंग
अगर आप एक साथ बहुत ज्यादा लोगों की टिकट बुक करते हैं, तो सिस्टम सभी को साथ सीट देने की कोशिश करता है। ऐसे में लोअर बर्थ मिलने की संभावना कम हो सकती है। कम यात्रियों के साथ अलग-अलग बुकिंग करने पर लोअर सीट मिलने के चांस बढ़ सकते हैं।
5. चार्ट बनने के बाद TTE से जरूर बात करें
कई बार अंतिम समय में यात्रियों के टिकट कैंसिल हो जाते हैं या सीटें खाली रह जाती हैं। ऐसे में चार्ट बनने के बाद TTE से विनम्रता से बात करने पर लोअर बर्थ मिल सकती है। विशेष परिस्थितियों में TTE सीट एडजस्ट करने में मदद कर सकते हैं।
ध्यान रखें ये जरूरी बात
रेलवे का सीट अलॉटमेंट पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से होता है, इसलिए हर बार लोअर बर्थ मिलना तय नहीं होता। लेकिन सही विकल्प, समय पर बुकिंग और रेलवे नियमों की जानकारी आपकी यात्रा को ज्यादा आरामदायक बना सकती है।
