वांछित सिपाही समेत फरार सट्टा आरोपितों की तलाश,भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम फिर जुड़ा
झांसी। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ झांसी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस बार एक ऐसे बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें करोड़ों रुपये की नकदी का लेनदेन सामने आया है। करोड़ों का सोना-चांदी व लाखों की नगदी समेत पुलिस ने मामले में दो युवतियों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस सिपाही समेत कई लोगों को नामजद किया है। अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। इस मामले में करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टा कारोबार में पहले ही जेल जा चुके भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम आने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि स्वाट टीम, चिरगांव थाना पुलिस, नवाबाद थाना, सीपरी बाजार और शहर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात शिवपुरी रोड स्थित रॉयल सिटी कॉलोनी में छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े आरोपी छिपे हुए हैं और बड़े स्तर पर अवैध लेनदेन किया जा रहा है।
पुलिस ने रॉयल सिटी की एलआईजी बिल्डिंग के तीसरे माले पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में सोने के बिस्किट, चांदी के जेवरात और नकदी बरामद हुई। पुलिस के अनुसार मौके से करीब एक करोड़ 46 लाख रुपये कीमत के सोने के बिस्किट, लगभग 11 लाख रुपये के चांदी के जेवरात और करीब 18 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
इस दौरान पुलिस ने दो युवतियों यशस्वी द्विवेदी और नगरा निवासी निशा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि यह पूरा कारोबार नगरा निवासी सुमित साहू,विशेष भार्गव,आशीष उपाध्याय, बृजेश, प्रभात अग्रवाल, अंकित और अन्य लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि झांसी में पूर्व में स्वाट टीम में तैनात रह चुका सिपाही रजत भी इस गिरोह से जुड़ा हुआ है।
पुलिस की गहन पड़ताल में भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम भी फिर से सामने आया है। बताया जा रहा है कि पूर्व में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में जेल जा चुके आशीष उपाध्याय का इस नए सिंडिकेट से भी संबंध मिला है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच कर रही है और करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की पड़ताल में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिस ने आशीष उपाध्याय के करीब एक करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा किया था। अब इस नई कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
