यह दुर्घटना तड़के करीब साढ़े तीन बजे राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई। लखनऊ से दिल्ली जा रही गोला बस सर्विस की वॉल्वो बस में करीब 65 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच के अनुसार गिट्टी से लदा ट्रेलर अपनी लेन में चल रहा था तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री सीटों के बीच फंस गए।
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में बस चालक उपदेश यादव परिचालक क्लीनर और एक यात्री की मौत हुई है। मृतकों में तीन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। वहीं 34 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय नियमित चालक नहीं बल्कि बस का कंडक्टर वाहन चला रहा था। तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने के कारण बस सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि कंडक्टर को बस चलाने की अनुमति किस परिस्थिति में दी गई थी।
हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे इसलिए उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। कई लोग सीटों के बीच दब गए और कुछ यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बस के इमरजेंसी गेट और खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े। पुलिस स्थानीय लोगों एसडीआरएफ फायर सर्विस और एंबुलेंस टीमों ने करीब दो घंटे तक लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया।
घायल यात्रियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले बस एक ढाबे पर रुकी थी। इसके बाद बस काफी तेज रफ्तार से चल रही थी और कुछ यात्रियों को वाहन के डगमगाने का भी एहसास हुआ था। टक्कर इतनी तेज थी कि आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों को सबसे ज्यादा चोटें आईं जबकि पीछे बैठे कई लोग बाल बाल बच गए।
मथुरा जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों का इलाज जारी है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए आगरा और दिल्ली रेफर किया गया है। तीन यात्रियों की जांघ की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है जबकि अन्य की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
