उन्होंने दावा किया कि मौजूदा आर्थिक ढांचा, जिसे वे बड़े उद्योगपतियों से जोड़ते हैं, लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सरकार गंभीर फैसले लेने के बजाय विदेश यात्राओं में व्यस्त है, जबकि देश में आर्थिक चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने लखनऊ एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जहां सैकड़ों समर्थकों ने उनका स्वागत किया और नारेबाजी की। इसके बाद वे सड़क मार्ग से रायबरेली पहुंचे और रास्ते में चुरुवा मंदिर में बजरंगबली के दर्शन भी किए।
रायबरेली में उन्होंने सांसद निधि से बने मैरिज हॉल का उद्घाटन किया और ग्रामीणों से संवाद किया। इसके बाद उनका जनसंपर्क कार्यक्रम खीरों और लालगंज क्षेत्र में जारी रहा, जहां उन्होंने महिलाओं और स्थानीय लोगों से बातचीत की।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह दौरा संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर फोकस कर रही है।
