करीब 1 मिनट 19 सेकेंड के वीडियो में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भक्त अपने जीवन को लेकर किसी भी तरह की चिंता न करें और अपने गुरुदेव को अपने मन में स्थापित रखें। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी उनका मन होगा, वे स्वयं भक्तों से संवाद करेंगे।
पिछले 9 दिनों से उनकी रात्रि पदयात्रा स्थगित है, क्योंकि तबीयत ठीक न होने के कारण वे नियमित रूप से दर्शन नहीं दे पा रहे हैं। आश्रम ट्रस्ट की ओर से पहले ही बताया गया था कि स्वास्थ्य कारणों से पदयात्रा और एकांतिक दर्शन फिलहाल बंद किए गए हैं।
17 मई को हजारों भक्त उनकी पदयात्रा के इंतजार में पहुंचे थे, लेकिन उस दिन वे आश्रम से बाहर नहीं निकले और उनकी जगह शिष्यों ने भक्तों को स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद से लगातार पदयात्रा रद्द चल रही है।
हालांकि, तीन दिन पहले वे अपने केली कुंज आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित गुरु संत गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे थे, जहां उन्होंने दर्शन किए थे।
प्रेमानंद महाराज की दैनिक पदयात्रा आमतौर पर तड़के 3 बजे केली कुंज आश्रम से शुरू होकर सौभरी वन तक होती थी, जिसमें हजारों भक्त उनके दर्शन के लिए जुटते थे। वीकेंड और खास अवसरों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी।
भक्तों के बीच उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है, लेकिन उनके संदेश के बाद लोगों से संयम और भक्ति मार्ग पर बने रहने की अपील की जा रही है।
