जानकारी के मुताबिक, MP16ZF8199 नंबर का डंपर बमीठा से छतरपुर की ओर जा रहा था। सुबह करीब 8 बजे जैसे ही वाहन देवगांव टोल प्लाजा पहुंचा, अचानक केबिन से धुआं उठने लगा। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। चालक ने पहले खुद कंबल की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही मिनटों में लपटें तेज हो गईं और पूरा डंपर आग का गोला बन गया।
डंपर में डस्ट भरी हुई थी, जिससे आग और तेजी से फैल गई। आग की ऊंची लपटों ने टोल प्लाजा के सेंसर बैरियर और बूथ को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद टोल कर्मचारियों और यात्रियों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दमकल वाहन करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचा। तब तक डंपर पूरी तरह जल चुका था।
फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, टोल प्लाजा को 2 से 3 लाख रुपए तक का नुकसान हुआ है। वहीं डंपर पूरी तरह खाक हो गया। घटना के चलते फोरलेन पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी व्यस्त जगह पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। लोगों का कहना है कि अगर शुरुआती स्तर पर फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय होता, तो नुकसान कम हो सकता था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
