किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा, “पहले कहा जाता था, मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं। अब यहां मिसाइलें बन रही हैं। जो गड़बड़ी करेगा, उसे मुस्कुराने का मौका नहीं मिलेगा।” उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से सटीक लक्ष्य भेदा जा सकता है।
1701 छात्रों को मिली उपाधि, 54 मेधावियों का सम्मान
अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने समारोह में 1701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 975 छात्र और 726 छात्राएं शामिल रहीं। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के 20 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 54 पदकों से सम्मानित किया गया।
KGMU के नाम को लेकर भ्रम की बात
समारोह में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है, जबकि इसके निर्माण में किंग जॉर्ज का कोई आर्थिक योगदान नहीं था।
डॉ. एम. श्रीनिवास को मानद डीएससी
इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास को चिकित्सा प्रशासन और स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डीएससी (Doctor of Science) की उपाधि प्रदान की गई। वहीं विश्वविद्यालय के कई चिकित्सकों को कुलपति एवं फैकल्टी अप्रिसिएशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
दीप्ति शर्मा ने जीते सबसे अधिक पदक
एमबीबीएस की छात्रा दीप्ति शर्मा समारोह की सबसे सफल छात्रा रहीं। उन्होंने 16 पदक अपने नाम किए। उनके अलावा निधि सिंह, अभिलाषा घोष, अनिकेत चंद्रा सहित कुल 20 मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
