अस्पताल के पर्चा काउंटर पर कार्यरत नमन और मनोज कुमार के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों के पर्चे बनाए जा रहे हैं। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या भी 300 से अधिक पहुंच रही है, जिससे पूरे केंद्र में भीड़ की स्थिति बनी रहती है।
CHC के चिकित्सक डॉ. रवि अनुरागी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले वायरल फीवर के हैं। इसके अलावा उल्टी, दस्त, टाइफाइड, खुजली, घुटनों में दर्द और दमा (अस्थमा) जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज भी बड़ी संख्या में इलाज के लिए आ रहे हैं।
डॉ. अनुरागी ने बताया कि मौसमी बदलाव और संक्रमण के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि लोग पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पिएं और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि मच्छरों और संक्रमण से बचाव हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या रूमाल से ढकना चाहिए और इस्तेमाल के बाद टिश्यू को तुरंत नष्ट कर देना चाहिए। यदि टिश्यू उपलब्ध न हो तो कोहनी का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। साथ ही हाथों को नियमित रूप से साबुन से अच्छी तरह धोने की सलाह दी गई है।
चिकित्सक ने यह भी अपील की कि लोग अपने तौलिये, बर्तन और अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। घर और कार्यस्थल पर दरवाजों के हैंडल, मोबाइल फोन और अन्य बार-बार छुई जाने वाली सतहों को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और उपचार कराएं, ताकि बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
