जानकारी के मुताबिक, गांव में जल निगम की ओर से ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी का ढांचा लगभग 60 से 70 फीट की ऊंचाई तक बन चुका था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी दौरान शनिवार तड़के एक आवारा सांड किसी तरह खुली सीढ़ियों के रास्ते टंकी के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया।
सांड को इतनी ऊंचाई पर देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की। कुछ लोगों ने हरा चारा दिखाकर उसे नीचे लाने का प्रयास किया, जबकि अन्य लोग आवाज लगाकर उसे शांत करने की कोशिश करते रहे।
काफी देर तक सांड टंकी पर इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन इसी दौरान वह नीचे उतरने लगा। बताया जा रहा है कि उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 40 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे को लेकर चर्चा करते नजर आए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों ने जल निगम और संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा और उचित बैरिकेडिंग होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
