ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 22 मई को प्रदेश में अब तक की सबसे अधिक 669 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति दर्ज की गई। वहीं, रविवार देर रात अधिकतम मांग 31,774 मेगावॉट तक पहुंच गई, जो पिछले साल के रिकॉर्ड से भी अधिक है।
हालांकि मांग बढ़ने के बावजूद घाटमपुर, ललितपुर, ओबरा, अनपरा, लैंको और पारिछा समेत कई बड़े पावर प्लांट मई महीने में कई-कई दिनों तक बंद रहे। कुछ यूनिटों में रखरखाव, कोयला प्रबंधन और तकनीकी कारणों से उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे हजारों मेगावॉट बिजली की आपूर्ति बाधित हुई।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि प्लांटों की लगातार बंदी और सिस्टम की लापरवाही के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती करनी पड़ी। परिषद का कहना है कि अगर सभी यूनिटें पूरी क्षमता से चलतीं तो बिजली उपलब्धता और अधिक होती और स्थिति बेहतर रहती।
वहीं, ऊर्जा मंत्री का कहना है कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य है और मांग के नए रिकॉर्ड के बावजूद आपूर्ति को संतुलित रखने का प्रयास किया जा रहा है।फिलहाल बढ़ती गर्मी और उत्पादन में बाधाओं के चलते राज्य में बिजली संकट पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं बन पाया है।
