वाराणसी। तमिलनाडु की 80 वर्षीय महिला श्रद्धालु ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अपने दिवंगत पति और दोनों बेटों की स्मृति को समर्पित करते हुए तीन करोड़ रुपये का दान दिया है। इनमें दो करोड़ रुपये अपने दोनों स्वर्गीय बेटों के नाम और एक करोड़ रुपये मंदिर के अन्न क्षेत्र के लिए दिए गए हैं।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम को ई-मेल के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक महिला श्रद्धालु दान के संबंध में उनसे मिलना चाहती हैं। इसके बाद महिला अपने मैनेजर के साथ 12 जुलाई को मंडलायुक्त से मिलीं और तीन करोड़ रुपये के चेक सौंपे।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सौंपा दान
चेक सौंपने के बाद महिला श्रद्धालु ने विधिवत बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। उन्होंने पांच अलग-अलग चेक भी दिए, जिनकी राशि 25-25 हजार रुपये है। इन चेकों का उपयोग हर वर्ष रुद्राभिषेक कराने के लिए किया जाएगा। महिला ने बताया कि यह दान उन्होंने अपने दोनों बेटों की आत्मा की शांति के उद्देश्य से किया है।
अनंत अंबानी ने भी दिया था एक करोड़ का दान
इससे पहले 16 जून को उद्योगपति मुकेश अंबानी के पुत्र अनंत अंबानी ने भी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को एक करोड़ रुपये का दान दिया था। वहीं पिछले दो वर्षों में मंदिर के अन्न क्षेत्र को करीब दो करोड़ रुपये का योगदान प्राप्त हो चुका है।
बढ़ रही है मंदिर को मिलने वाले दान की राशि
मंदिर प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 50 हजार रुपये से अधिक का दान देने वाले 16 श्रद्धालुओं ने अन्न क्षेत्र के लिए कुल 1.14 करोड़ रुपये का योगदान दिया। वहीं वर्ष 2026 में भक्तों द्वारा 1 करोड़ 42 लाख 57 हजार रुपये से अधिक का दान मंदिर को प्राप्त हुआ, जबकि 2025 में यह आंकड़ा करीब 61 लाख रुपये रहा।
दानदाताओं की संख्या में भी बढ़ोतरी
वर्ष 2025 में 312 अलग-अलग दानदाताओं ने 351 दान प्रविष्टियां दर्ज कराईं। वहीं 2026 में 237 दानदाताओं की ओर से 257 दान प्रविष्टियां दर्ज की गईं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच दान की राशि में लगभग चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
कॉरिडोर बनने के बाद बढ़ा श्रद्धालुओं का योगदान
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने से पहले मंदिर को सालाना लगभग 20 करोड़ रुपये का दान मिलता था। कॉरिडोर के निर्माण के बाद यह आंकड़ा बढ़कर करीब 84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
कई श्रद्धालुओं ने कई बार किया योगदान
मंदिर के रिकॉर्ड के अनुसार, एक कंपनी ने 23 बार में कुल दो लाख रुपये का दान दिया। संजय जीवन दास खत्री ने सात बार में 63 हजार रुपये, सत्येंद्र भैंसरे ने पांच बार में एक लाख रुपये, सिद्धार्थ गुप्ता ने पांच बार में 55 हजार रुपये, अनंता वेंकटेश ने तीन बार में 60 हजार रुपये, एम. विसलेम ने दो बार में डेढ़ लाख रुपये और सुब्रह्मण्यम अय्यर ने दो बार में 71 हजार रुपये का योगदान दिया।
यूपीआई के जरिए भी मिला लाखों का दान
मंदिर प्रशासन के अनुसार, 893 श्रद्धालुओं ने यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से कुल 11.33 लाख रुपये का दान किया। प्रति श्रद्धालु एक रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि प्राप्त हुई। औसतन प्रत्येक श्रद्धालु ने 1,268 रुपये का योगदान दिया। कई श्रद्धालुओं ने परिवार के कल्याण, स्वास्थ्य, सफलता, ब्राह्मण भोज, मंदिर रखरखाव, पितृ शांति और अन्य धार्मिक उद्देश्यों के लिए दान समर्पित किया।
