बस दिल्ली से बिहार जा रही थी और इसमें करीब 36 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसा ड्राइवर को झपकी आने के कारण हुआ। तेज रफ्तार में चल रही बस अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और डिवाइडर से टकराकर पलट गई।
खिड़कियों से गिरे यात्री, कई गंभीर रूप से घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि बस पलटते ही कई यात्री खिड़कियों से बाहर गिर गए। कुछ लोग एक्सप्रेस-वे के नीचे ढलान पर जा गिरे। इस दौरान एक यात्री का पैर कटकर अलग हो गया, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे में बिहार पुलिस के दरोगा रामचंद्र राम (59) और एक कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर (59) की भी मौत हो गई। बताया गया कि कैदी को कोर्ट पेशी के लिए गुरुग्राम ले जाया गया था और वापस लौटते समय यह हादसा हुआ।
राहत और बचाव कार्य में अफरा-तफरी
सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। करीब 6–7 एंबुलेंस की मदद से घायलों को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजा गया। यहां 6 यात्रियों को मृत घोषित किया गया, जबकि गंभीर घायलों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान एक और यात्री ने दम तोड़ दिया।घायलों में से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
बस में मची थी चीख-पुकार
घायल यात्रियों ने बताया कि हादसे के समय अधिकतर लोग सो रहे थे। अचानक जोरदार झटका लगा और तेज आवाज के साथ बस पलट गई। कुछ यात्री शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करते नजर आए, जबकि कई लोग खिड़कियों से नीचे गिर गए।एक अन्य घायल पुलिसकर्मी ने बताया कि हादसे के बाद चारों तरफ अंधेरा और चीख-पुकार का माहौल था।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में ड्राइवर की लापरवाही और झपकी को मुख्य कारण माना जा रहा है। मृतकों की पहचान की जा रही है और परिजनों को सूचना दी जा रही है।सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
