तीन सर्वे पूरे, चौथा अगस्त-सितंबर में संभव
भाजपा प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के तहत अब तक तीन चरणों में सर्वे करा चुकी है। बताया जा रहा है कि तीनों सर्वे में कई क्षेत्रों में विधायकों के प्रति असंतोष एक समान रूप से सामने आया है। अगस्त-सितंबर में चौथे चरण का सर्वे भी कराए जाने की संभावना है, जिसके बाद पार्टी आगे की रणनीति तय कर सकती है।
मुरादाबाद मंडल में बढ़ी बेचैनी
मुरादाबाद मंडल को समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां की 27 विधानसभा सीटों में से फिलहाल भाजपा के पास 12 सीटें हैं, जबकि 14 सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है। रामपुर की स्वार सीट भाजपा के सहयोगी दल अपना दल (एस) के खाते में है।
मंडल के 12 भाजपा विधायकों में से 10 लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। केवल रामवीर सिंह (कुंदरकी) और आकाश सक्सेना (रामपुर) उपचुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं।
35% टिकट बदलने की चर्चा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सर्वे एजेंसी ने जिन क्षेत्रों में जन असंतोष अधिक पाया है, वहां नए उम्मीदवार उतारने की सिफारिश की है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किन विधायकों के नाम इस सूची में हैं, लेकिन यह चर्चा तेज है कि मुरादाबाद मंडल के कुछ विधायक भी इस दायरे में आ सकते हैं। इससे संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच हलचल बढ़ गई है।
भाजपा का आधिकारिक रुख
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने कहा कि पार्टी समय-समय पर सर्वे कराती रहती है। फिलहाल विधानसभा चुनाव के लिए टिकट आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और पार्टी का मुख्य फोकस एमएलसी चुनाव पर है।
मंडल के लगातार दूसरी बार चुने गए भाजपा विधायक
बलदेव सिंह औलख (बिलासपुर)
राजबाला (मिलक)
गुलाब देवी (चंदौसी)
रितेश गुप्ता (मुरादाबाद नगर)
राजीव तरारा (मंडी धनौरा)
महेंद्र खड़गवंशी (हसनपुर)
सुचि चौधरी (बिजनौर)
सुशांत सिंह (बढ़ापुर)
अशोक राणा (धामपुर)
ओम कुमार (नहटौर)
मंडल में भाजपा की स्थिति
जिला भाजपा विधायक
बिजनौर 4
रामपुर 3
मुरादाबाद 2
अमरोहा 2
संभल 1
हालांकि टिकटों को लेकर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन आंतरिक सर्वे की चर्चाओं ने चुनाव से करीब एक साल पहले ही भाजपा के भीतर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
