झांसी। झांसी की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 के न्यायाधीश कनिष्क कुमार की अदालत ने मासूम बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़ी वीडियो और फोटो सामग्री सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश में प्रसारित करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कारावास और 1.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा सीबीआई की भ्रष्टाचार निवारण शाखा गाजियाबाद द्वारा दर्ज कराया गया था।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक शोभित सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी तेजसिंह गौर ने बताया कि सीबीआई को सूचना मिली थी कि भारत सहित विदेशों में सक्रिय एक गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बाल यौन उत्पीड़न से संबंधित वीडियो, फोटो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री साझा कर रहा है।
जांच के दौरान एक मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान झांसी जनपद की गरौठा तहसील के एरच रामगंज मोहल्ला निवासी रामजी पुत्र लक्ष्मी प्रसाद के रूप में हुई। सीबीआई टीम ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में बाल यौन उत्पीड़न संबंधी वीडियो, सीडी, सोशल मीडिया लिंक और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के कृत्य को गंभीर और समाज विरोधी बताते हुए कठोर सजा की मांग की। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के कारावास और डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
