5 दिन पहले दिनदहाड़े पुलिस की सरपरस्ती में दिया था घटना को अंजाम
झांसी। गुजरात के ड्राई फ्रूट व्यापारी के मुनीम का 5 दिन पूर्व गुरुवार को दिनदहाड़े अपहरण कर 24.90 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात का झांसी पुलिस ने आज सोमवार को खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि एक सिपाही सहित चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने लूटी गई पूरी रकम और घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है।
सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद निवासी किशन दिलीपभाई पंचाल ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, मिनर्वा चौराहे के पास चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने उन्हें और उनके साथी के साथ मारपीट कर बैग में रखे 24 लाख 90 हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद दोनों का अपहरण कर उन्हें कानपुर हाईवे पर छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने कोतवाली पुलिस को शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में दतिया निवासी गौरव यादव, खुशीपुरा निवासी सूर्यांश यादव (पुत्र चंदन यादव उर्फ बृजेंद्र सिंह यादव), बालमपुर निवासी सुखवीर, महावीरनपुरा निवासी सूरज सिंह तथा जालौन पुलिस में तैनात सिपाही राघवेंद्र राजपूत और मनोज शामिल हैं। वहीं जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नीरज राजपूत समेत अंकित यादव, संस्कार तेजवानी और नितिन तेजवानी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पूछताछ में मास्टरमाइंड सूर्यांश यादव ने बताया कि वह ऑनलाइन सट्टा खेलता था और इस दौरान उस पर करीब 24 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। सट्टा संचालक नितिन और संस्कार तेजवानी हवाला के माध्यम से रुपये का लेनदेन करते थे। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि गुजरात का व्यापारी बड़ी रकम लेकर झांसी आने वाला है। कर्ज चुकाने के उद्देश्य से उसने अपने साथियों और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। घटना में प्रयुक्त वाहन की व्यवस्था भी पुलिसकर्मियों ने कराई थी।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी 24.90 लाख रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस घटना में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
