झांसी। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ की कारखाना मंडल की द्वार सभा में कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कारखाना मंडल अध्यक्ष संजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने पदोन्नति में अनावश्यक देरी पर रेल प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई और आंदोलन की घोषणा की।
पूर्व कारखाना मंडल मंत्री एवं मंडल कोषाध्यक्ष दयानिधि मिश्रा ने कहा कि संघ ने वर्ष 2021 में ही मैकेनिकल ट्रेड के गठन पर आपत्ति जताई थी। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उस समय संघ की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अब मैकेनिकल ट्रेड के डिमर्जर की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण कर्मचारियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है।
कारखाना मंडल सचिव संतोष राठौर ने डिमर्जर प्रक्रिया का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें हो रहे अनावश्यक विलंब से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। झांसी मंडल मंत्री भानू प्रताप सिंह चंदेल ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ संघर्ष के लिए तैयार है।
जोनल अध्यक्ष हेमंत कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि संघ की कार्यकारिणी बैठक में पदोन्नति नहीं होने और कारखाना प्रशासन के रवैये के विरोध में आंदोलन का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 23 अक्टूबर से हस्ताक्षर अभियान, 25 अक्टूबर से पोस्टर अभियान, 30 अक्टूबर से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, छह नवंबर को प्रदर्शन और 17 नवंबर को 24 घंटे का धरना आयोजित किया जाएगा। सभा में कर्मचारियों ने आंदोलन को समर्थन देने की सहमति जताई।
वक्ताओं ने पुरानी सीलिंग के आधार पर घोषित 17,951 रुपये पीएलबी बोनस का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आठ-आठ माह से पदोन्नति नहीं मिली है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है और पदोन्नति कर्मचारी के लिए सम्मान का विषय भी है।
अंत में अध्यक्ष संजीव कुमार ने लंबित पदोन्नति, माघ मेला ड्यूटी पर गए कर्मचारियों को रात्रिकालीन ड्यूटी भत्ता तथा आर्टिजन और कैंटीन कर्मचारियों की पदोन्नति जल्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संघ आंदोलन नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे कारखाने और रेलवे की छवि प्रभावित होती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सभा में बीएमएस जिला मंत्री रामलखन समेत पदाधिकारी और सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
